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Showing posts from March, 2020

what is love?

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क्या इश्क़ है ? तुझसे उलझना  तुझमें उलझे  रहना  यूँ रूठ जाना  रूठ के फिर मनाना  ही तो इश्क़ है  यूँ लड़ना  लड़ झगड़ के फिर नज़रें चुराना  उस नाराज़गी में  नज़रें चुरा के  तेरा चुपके से यूँ मुस्कुराना  ही तो इश्क़ है  उस भारी दोपहरी में  मेरा तेरे काँधे पे सर रख के सो जाना सोते सोते तेरा मेरी ज़ुल्फ़ें सहलाना  ही तो इश्क़ है  मेरी एक आह पे तेरा यूँ दोड़े चले आना  मेरी जान ही  तो इश्क़ है  यह अगर इश्क़ नहीं  तो तुम  ही  बता दो  फिर क्या इश्क़ है? फिर क्या इश्क़ है?

broken-heart-move-on

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दिल टूटा है, क्यूँ रोता है? यह दुनिया आस पे टिकी , तेरी दुनिया साँस पे टिकी , जब तक चलती तेरी साँस है , सब कुछ मिल जाने की आस है /   दिल टूटा है क्यूँ रोता है ? जो होना है वही होता है   / कल भी संभ्ल्ना तुझे है , तो आज ही संभल जा , अपनाके सब आगे बढ़ , आज ही नए रंगो में ढल जा / फिर किसे क्या दिखाना - सुनाना पीड परायी जब कोई ना जाने ,   तु सीख ले थोड़ा मुस्कुराना , बिन प्रतिक्रिया , बहुत सरल है , हालातों को हराना / यह सोच ही , नया सवेरा लाएगी , देखते देखते , दिल की बगिया फिर महक जाएगी / --कीर्ति 

Life Quotes

Life Quotes  जन्नत  का शौक है ए - दोस्त  तो गुनाहों को छोड़ दे, मोहब्बत की चाहत है तो  अपनी नफरत का रुख मोड़ दे, गिर जाते है अक्सर, जो झुकते नहीं, रिश्ते खिल जायेंगे  अपने अहंकार को तोड़ दे , ढील दे, जिंदगी पतंग सी उड़ जाएगी  बांध के रखेगा तो, कट के जमीन पे आएगी / --कीर्ति 

aakhir kyu?

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बेटी क्यों नहीं चाहिए  - आखिर क्यों ? उसी दर्द से मैं भी जन्मी उसी दर्द से भाई   भाई दुलरा, आँख का तारा, मैं क्यूँ हुई परायी  पढ़ना लिखना मैं भी चाहू, पापा मुझको पढ़ने दो  भैया के जैसा ही  मुझको  पढ़ लिख कर कुछ बन ने दो  भैया एक BA कर लेता तो , मैं क्यूँ BA पास  इस डिग्री के साथ नहीं, किसी जुगत की आस  BA किया विदेश ब्याही, माँ ना पूछे हाल  चक्की के पाटो में पिसकर बेटी हुई बेहाल   लक्ष्मी का ही  रूप कहो या दुर्गा का अवतार  इस बेटी का नहीं, कहीं आदर सत्कार  युग बदला फिर बिटिया जन्मी, लेकिन सभी उदास  सबके मन में कहीं दबी थी पुत्र पाने की आस/

Ego

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तेरी थोड़ी सी मैं, मेरी थोड़ी सी मैं  ख़ामोशियाँ उस तरफ़ भी  ख़ामोशियाँ  इस तरफ़ भी  वो मनाएगा पहले  की कश्मकश में  देख कैसे खड़ी मुस्कराती है  तेरी थोड़ी सी मैं, मेरी थोड़ी सी मैं  प्यार मोहब्बत सब दाँव पे लगा के  कर के सारे रिश्ते राख  दूरियाँ बढ़ती देख  देख कैसे ठाहक़े लगाती है  तेरी थोड़ी सी मैं, मेरी थोड़ी सी मैं  जो बात उलझी थी सुलझ गयी  मिट गयी सारी तकरार  जो ना सुलझी वो मैं थी  बस थी मैं की deewar  देख कैसी  खड़ी इतराती है  तेरी थोड़ी सी मैं, मेरी थोड़ी सी मैं  ना तु तु  है आज  ना ही वो मैं हूँ  पछतावा पीछे छोड़  देख कैसे जीत जाती है  तेरी थोड़ी सी मैं, मेरी थोड़ी सी मैं  बस यह थोड़ी सी मैं, सिर्फ़ यह मैं / --कीर्ति 

chal kahin dur nikal jaye

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चल कहीं दूर निकल जाए  पीछे छोड़ क़दमों के निशान  डालें यूँही  हाथों में हाथ  इन लहरों से होते हुए  चलें हम उस क्षितिज से परे  जहाँ मिलते हो धरती आकाश  यूँही चलते चले  चल कहीं दूर निकल जाए  मेरी आँखो से तेरे लब पे जो खिल के आती है  उस मुस्कान को लिए  यूँही देखते मुस्कारते  हुए  चल कहीं दूर निकल जाए तेरी बाहों के घेरे जो मुझे घेरे है  इन घेरों में यह लम्हा पिघले उससे पहले  यूँही एक दूसरे को थामे  चल कहीं दूर निकल जाए तकरार को कर दरकीनार  उस इंकार से इकरार में  बिखेरते हुए बस प्यार  यूँही सारी यादों की सौग़ात बटोरते हुए  चल कहीं दूर निकल जाए / --कीर्ति 

Life Purpose

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मक़सद - ज़िंदगी की कहानी इस तिलिस्मि कायनात का  तु मात्र छोटा सा हिस्सा है  फिर भी गर्व कर  तु अपने आप में एक पूरा क़िस्सा है  पहचान ख़ुद को  तु कितना क़ाबिल है  ख़ुद को जान के पाएगा  तु ही तेरा साहिल है  तु ही  तेरी मंज़िल है  आया है इस जहान में  एक मक़सद के लिए  उस मक़सद को ढूँड़ ले  बाक़ी तो  सब बेमानी है  यह मक़सद ही  तेरी जिंदगानी है  इतनी सी बस ज़िंदगी की कहानी है  इतनी सी बस ज़िंदगी की कहानी है / --कीर्ति 

self-love

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तु ही तेरा हमसफ़र निहारती रहू तुझे,   सँवारती रहू हर पल, तु है तो सब ठीक है,  तु उदास तो सब बेवजह/  तुझसे शुरु सारी ख़ुशियाँ,  तुझपे खत्म सारे ग़म /  तुझको चाहूँ जितना,  लगे क्यू फिर भी कम? तुझसे ही तो ख़ूबसूरती , तुझसे यह तेरा आशियाँ  सबसे पहले रख ख़ुद को  की तुझी से सारे रिश्ते जवान / जा निहार आइने में ख़ुद को  तु और मैं एक है  देख ख़ुद को और कर यह घुमान  मोहब्बत होगी सबसे, पहले हो ख़ुद पे फ़ना  जानती हूँ मैं, ख़ुद को पहचान्ने की  है यह कठिन डगर  पर तु यह जान ले, तु ही तेरा हमदर्द, तु ही तेरा हमसफ़र / --कीर्ति 

kya hai tu?| who are you? | best hindi poetry-english subtitles | Inspir...

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मेरी रूह को ढकने वाला लिबास है तु क्यूँ है इतना उदास , क्यूँ ज़िंदगी के थपेड़ों से निराश  है तु  मेरी नज़र से देख,  आ दिखाऊँ, कितना ख़ास है तु , मेरी रूह को जो ढक दे, वो लिबास है तु  मेरे मन की कल्पना का परवाज़ है तु  मुझे जो ना कभी झुकने दे वो आत्मविश्वास है तु  ज़िंदगी चले मेरी  तेरे भरोसे वही आस है तु  मेरे इस अंतर्मन की आवाज़ है तु  मेरी धड़कन को जो धड़कना सिखाए वही साज है तु  मेरी ख़ामोशी को बयान कर जाए वो अल्फ़ाज़ है तु  मेरे दिल को जो  लुभाए वो अन्दाज़ है तु  छूके मुझे जो अभी गुज़रा है वो एहसास है तु  जिसे मैं ढूँढती फिरि दर दर मेरी वो तलाश है तु  बुझ के भी ना जो बुझी वो प्यास है तु  जिसे मैंने बरसों  तक दफ़ना  के रखा वो राज है तु मेरे ग़मों का अंजाम मेरी ख़ुशियों का आग़ाज़ है तु  आँखें मूँद जो हो जाए ऐसा अंधविश्वास है तु  जिसकी पनाह में मेरी रूह को सुग़ुन आए वही आभास है तु  जिस...