what is love?
तुझसे उलझना
तुझमें उलझे रहना
यूँ रूठ जाना
रूठ के फिर मनाना
ही तो इश्क़ है
यूँ लड़ना
लड़ झगड़ के फिर नज़रें चुराना
उस नाराज़गी में
नज़रें चुरा के
तेरा चुपके से यूँ मुस्कुराना
ही तो इश्क़ है
उस भारी दोपहरी में
मेरा तेरे काँधे पे सर रख के सो जाना
सोते सोते तेरा मेरी ज़ुल्फ़ें सहलाना
ही तो इश्क़ है
मेरी एक आह पे तेरा यूँ दोड़े चले आना
मेरी जान ही तो इश्क़ है
यह अगर इश्क़ नहीं
तो तुम ही बता दो
फिर क्या इश्क़ है?
फिर क्या इश्क़ है?
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