On a Journey called 'Life'... अभी चलना बहुत है
माना की मंजिल दूर है तेरी,
नाकामियों के पड़ाव है गहरे,
तू थक नहीं सकता पथिक,
की तुझे अभी चलना बहुत है /
उड़ान भरी है तो,
पर न जला जमाने के डर से,
तू गिर नहीं सकता पंछी,
की तुझे अभी उड़ना बहुत है /
आशा की लौ काफी है,
उजाला करने के लिए
तू बुझ नहीं सकता दीये,
की तुझे अभी जलना बहुत है /
चार दिन की ज़िन्दगी है और
ख्वाइशें अनगिनत है ,
तू मरने से पहले मर नहीं सकता मुसाफिर ,
की तुझे अभी जीना बहुत है /
तू थक नहीं सकता, की तुझे अभी चलना बहुत है /
--कीर्ति
--कीर्ति
Very inspiring and motivational lines.
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