aakhir kyu?









उसी दर्द से मैं भी जन्मी उसी दर्द से भाई 

भाई दुलरा, आँख का तारा, मैं क्यूँ हुई परायी 


पढ़ना लिखना मैं भी चाहू, पापा मुझको पढ़ने दो 
भैया के जैसा ही  मुझको  पढ़ लिख कर कुछ बन ने दो 



भैया एक BA कर लेता तो , मैं क्यूँ BA पास 
इस डिग्री के साथ नहीं, किसी जुगत की आस 



BA किया विदेश ब्याही, माँ ना पूछे हाल 
चक्की के पाटो में पिसकर बेटी हुई बेहाल  



लक्ष्मी का ही  रूप कहो या दुर्गा का अवतार 
इस बेटी का नहीं, कहीं आदर सत्कार 



युग बदला फिर बिटिया जन्मी, लेकिन सभी उदास 
सबके मन में कहीं दबी थी पुत्र पाने की आस/

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