kya hai tu?| who are you? | best hindi poetry-english subtitles | Inspir...
क्यूँ है इतना उदास ,
क्यूँ ज़िंदगी के थपेड़ों से निराश है तु
मेरी नज़र से देख,
आ दिखाऊँ, कितना ख़ास है तु ,
मेरी रूह को जो ढक दे, वो लिबास है तु
मेरे मन की कल्पना का परवाज़ है तु
मुझे जो ना कभी झुकने दे वो आत्मविश्वास है तु
ज़िंदगी चले मेरी तेरे भरोसे वही आस है तु
मेरे इस अंतर्मन की आवाज़ है तु
मेरी धड़कन को जो धड़कना सिखाए वही साज है तु
मेरी ख़ामोशी को बयान कर जाए वो अल्फ़ाज़ है तु
मेरे दिल को जो लुभाए वो अन्दाज़ है तु
छूके मुझे जो अभी गुज़रा है वो एहसास है तु
जिसे मैं ढूँढती फिरि दर दर मेरी वो तलाश है तु
बुझ के भी ना जो बुझी वो प्यास है तु
जिसे मैंने बरसों तक दफ़ना के रखा वो राज है तु
मेरे ग़मों का अंजाम मेरी ख़ुशियों का आग़ाज़ है तु
आँखें मूँद जो हो जाए ऐसा अंधविश्वास है तु
जिसकी पनाह में मेरी रूह को सुग़ुन आए वही आभास है तु
जिस्म के लिबास हज़ारों, मेरी रूह को ढकने वाला लिबास है तु
मेरा कल भी तु, मेरा आज है तु
मेरी रूह को ढकने वाला लिबास है तु /
--कीर्ति
--कीर्ति
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