Ego
ख़ामोशियाँ उस तरफ़ भी
ख़ामोशियाँ इस तरफ़ भी
वो मनाएगा पहले
की कश्मकश में
देख कैसे खड़ी मुस्कराती है
तेरी थोड़ी सी मैं, मेरी थोड़ी सी मैं
प्यार मोहब्बत सब दाँव पे लगा के
कर के सारे रिश्ते राख
दूरियाँ बढ़ती देख
देख कैसे ठाहक़े लगाती है
तेरी थोड़ी सी मैं, मेरी थोड़ी सी मैं
जो बात उलझी थी सुलझ गयी
मिट गयी सारी तकरार
जो ना सुलझी वो मैं थी
बस थी मैं की deewar
देख कैसी खड़ी इतराती है
तेरी थोड़ी सी मैं, मेरी थोड़ी सी मैं
ना तु तु है आज
ना ही वो मैं हूँ
पछतावा पीछे छोड़
देख कैसे जीत जाती है
तेरी थोड़ी सी मैं, मेरी थोड़ी सी मैं
बस यह थोड़ी सी मैं, सिर्फ़ यह मैं /
--कीर्ति
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