self-love








निहारती रहू तुझे,  
सँवारती रहू हर पल,
तु है तो सब ठीक है, 
तु उदास तो सब बेवजह/ 



तुझसे शुरु सारी ख़ुशियाँ, 
तुझपे खत्म सारे ग़म / 
तुझको चाहूँ जितना,
 लगे क्यू फिर भी कम?



तुझसे ही तो ख़ूबसूरती ,
तुझसे यह तेरा आशियाँ 
सबसे पहले रख ख़ुद को 
की तुझी से सारे रिश्ते जवान /



जा निहार आइने में ख़ुद को 
तु और मैं एक है 
देख ख़ुद को और कर यह घुमान 
मोहब्बत होगी सबसे, पहले हो ख़ुद पे फ़ना 



जानती हूँ मैं, ख़ुद को पहचान्ने की 
है यह कठिन डगर 
पर तु यह जान ले,
तु ही तेरा हमदर्द, तु ही तेरा हमसफ़र /


--कीर्ति 

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