Quotes




हर साल लाखों किसान आत्महत्या करते है

किसी को कोई फर्क पड़ता नहीं
जनाब 
यहां तो मुद्दे भी
हैसियत देख के उठाए जाते है




~कीर्ति




जीते जी कोई पूछता नहीं
मरना पड़ता है यहां 
अपनी कदर करवाने के लिए




~कीर्ति




लगता है खिलौने भी 
कम पड़ने लगे है,
सुना है आजकल लोग 
जज्बातों से 
खेलने लगे है।





~कीर्ति


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