Humanity,peace and Harmony
है धर्म बँटे
भगवान बँटे
बँटे यहाँ पूजा के स्थान
रंगो को भी ना छोड़ हमने
भगुआ हिंदू तो हरा मुसलमान
देखो बटाँ बटाँ यहाँ हर इंसान
ईश्वर, अल्लाह सोचे?
मैंने जब बनाया इंसान
न बनाया था ऐसा नादान
की मानवता, एका को मार
एक दिन भेजेगा यह शमशान
मारकाट मची
है ख़ून के प्यासे सब
अमन शांति का नहीं नमो निशान
मज़हब है सबसे ऊँचा
इंसानियत पे ना जाए ध्यान
हे प्रभु कुछ ऐसा कर
फिर हो जाए सब एक समान
ना रहे हिंदू ना मुसलमान
रह जाए बस इंसान
अमन हो शांति हो
हो बस एक का ही बखान
आने वाली पीढ़ी के लिए
रहने लायक़ हो यह जहान
इंसानियत से हो उनकी पहचान
बस इंसानियत ही हो उनकी पहचान
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