सूरज



Sun..o..Mr. Sun..

मंद मंद मुस्काता है तू,
यह सोच के की तेरे कितने दर्शनाभिलाषी है /

एक झलक बस एक झलक, 
यह नज़रें एक झलक की प्यासी है /

तू आएगा तो यह धुन्ध की चादर हट जायेगी,
सागर भी झूम उठेगा,
यह दुनिया जन्नत सी नज़र आयेगी /

एक झलक बस एक झलक, 
यह नज़रें एक झलक की प्यासी है /


--कीर्ति 



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